ज़िला -डिंडोरी (म.प्र ) मे अगरिया समाज की मीटिंग एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न हुआ ll राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत के मार्गदर्शन मे ll दिनांक -15/04/2022 को सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सीधी मध्यप्रदेश के ग्राम सोनगढ़ मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान संपन्न हुआ दिनांक 31/03/2025 को ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन

लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का प्रमुख कार्यक्रम अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम जो फाउंडेशन से जुड़े लगभग सभी राज्यों के जिलों मे प्रति वर्ष माह मार्च - अप्रैल मे संपन्न होता है ll जहाँ लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन की ओर से प्रत्येक जिले के नोडल कार्यकर्ता अधिकारी नियुक्त किये जाते है जो जिलों मे उपस्थित होकर कार्यक्रम को सम्पन्न कराते है ll नियुक्त नोडल द्वारा फाउंडेशन के एजेंडा को विश्लेषण करते हुए उपस्थित सामाजिक स्वजातीय बंधुओ को विधिवत समझाया जाता है और कार्यक्रम के अंत मे उपस्थित स्वजातीय बंधुओ को शपथ ग्रहण करवाया जाता है ll  अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम का उद्देश्य अगरिया जनजाति जो की आज के इस आधुनिक परिवेश मे भी शिक्षा, व्यवसाय, नौकरी, सामाजिक रहन सहन मे पिछड़ी जनजाति है जिसके स्तर मे सामाजिक जागरूकता के लिए इस कार्यक्रम को आयोजित कराया जाता है जिससे इस समाज मे जागरूकता आ सके और समाज सशक्त हो सके ll ज़िला सीधी के ग्राम सोनगढ़ मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम का आयोजन  दिनांक 31/03/2025 को हुआ ll जहाँ ज़िला सीधी के लिए नियुक्त नोडल...

ज़िला -डिंडोरी (म.प्र ) मे अगरिया समाज की मीटिंग एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न हुआ ll राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत के मार्गदर्शन मे ll दिनांक -15/04/2022 को

राष्ट्रीय लौह प्रगलक अगरिया समाज महासंघ भारत के नेतृत्व मे करंजिया अरुषा धसकन टोला ज़िला डिंडोरी मप्र मे दिनांक -15/04/2022 को अगरिया समाज की मीटिंग एवं शपथ ग्रहण कार्यक्रम सम्पन्न हुआ जहाँ राष्ट्रीय स्तर से संगठन द्वारा नियुक्त नोडल सम्मानीय दादा दिलहरण अगरिया एवं मनराखन अगरिया रहे है ll  मीटिंग प्रारम्भ के पूर्व अगरिया जनजाति के इष्ट देवता लोहासुर की पूजा अर्चना एवं स्तुति की गयी  तथा सभी सम्मानीय नोडल महोदय एवं विशिष्ट अतिथियों का फूल माला पहनाकर स्वागत किया गया इसके पश्चात नोडल महोदय  श्री दादा दिलहरण अगरिया जी द्वारा संगठन द्वारा प्रदाय एजेंडा का विधिवत विश्लेषण करते हुए संगठन की विचार धाराओं से सभी को अवगत कराये एवं संगठन द्वारा समाज के प्रति चलाये जा रहे मुहीम से सभी को जुड़ने को प्रेरित किये ll तथा बताया गया की सभी को संगठन से जुड़ना है एवं संगठन के उद्देश्य को जन जन तक पहुँचाना है जिससे हमारा समाज एक संगठित समाज हो सके एवं समाज मे व्याप्त कुरीतियों को दूर किया जा सके जिससे समाज एक सशक्त समाज के रूप मे सामने आ सके ll समाज को नशा मुक्त बनाना हमारी जिम्मेदारी है अतः कोई भी सामाजिक कार्यक्रम हो कोई भी व्यक्ति समाज मे नाश पान करके ना बैठे, तथा सामाजिक कार्यक्रम मे सभी को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित किया जाय, समाज मे शिक्षा के स्तर को बढ़ाना है जिसकी पहल सभी को मिलकर करना है ज़ब इसकी पहल गांव, घर, ज़िला से होगा तो इसका प्रसार सभी क्षेत्र तक पहुंचेगा और समाज के अंतिम व्यक्ति तक ये सन्देश पहुंचेगा अतः सभी को मिलकर इसके लिए पहल करना होगा, समाज मे बाल विवाह ना हो इसके लिए प्रेरित करते रहना है तथा हर व्यक्ति बच्चों को स्कूल भेजे इसके लिए भी समाज मे सभी को प्रेरित करते रहना,.. नोडल महोदय द्वारा डिंडोरी ज़िला के लोगो को सन्देश दिए ll
एवं वहा उपस्थित सभी अतिथियो विशिष्ट अतिथियों द्वारा अपने विचार समाज को जागरूक करने हेतु व्यक्त किये ll
इसके पश्चात नोडल अधिकारी महोदय मनराखन सिंह अगरिया जी द्वारा संगठन से प्राप्त शपथ पत्र का वाचन करते हुए सभी को सामाजिक उत्थान एवं विकास मे सहयोग करने एवं समाज को सशक्त, शिक्षित समाज बनाने के लिए "शपथ ग्रहण" करवाये ll
विशिष्ट अतिथि के रूप मे पहुचे अध्यक्ष श्री रामखिलावन अगरिया जी द्वारा डिंडोरी ज़िला को सम्बोधन करते हुए संगठन के उद्देश्य एवं विचार धाराओं से सभी को अवगत कराये ll कार्यक्रम के अंतिम मे ज़िला डिंडोरी जिलाध्यक्ष श्री विजय अगरिया जी द्वारा बाहर से आये सभी नोडल महोदय एवं विशिष्ट अतिथियों का आभार प्रकट करते हुए संगठन के एजेंडा को जिले मे लागू करने की बात कहे ll
कार्यक्रम मे डिंडोरी से कुछ प्रमुख कार्यकर्ताओ उपस्थिति कुछ निम्नानुसार है -जिलाध्यक्ष डिंडोरी एवं आयोजक मंडल विजय अगरिया,रामचरण अगरिया जी,इतवारी सिंह मरावी,उदय सिंह,धनीराम अगरिया जी एवं ज़िला डिंडोरी से सभी ब्लॉक से कार्यकर्त्ता उपस्थित रहे ll
तथा बाहर से आये विशिष्ट अतिथि के रूप मे नोडल के सहित - दादा दिलहरण अगरिया एवं मनराखन अगरिया (नोडल कार्यकर्त्ता अधिकारी ), रामखिलावन अगरिया, सुदर्शन अगरिया,अभिषेक अगरिया, तथा रामसरोवर अगरिया, माखन अगरिया एवं कई कार्यकर्त्ता साथी विशिष्ट अतिथि के रूप मे उपस्थित रहे ll 



टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

सोनवानी गोत्र ,केरकेता ,बघेल ,अइंद एवं गोरकु गोत्र की कहानी

सोनवानी गोत्र ,केरकेता ,बघेल ,अइंद  एवं गोरकु   गोत्र की कहानी एवं इससे जुड़े कुछ किवदंती को आइये जानने का प्रयास करते है। जो अगरिया जनजाति  के  गोत्र  है।  किवदंतियो को पूर्व में कई इतिहास कारो द्वारा लेख किया गया है जिसको आज मै  पुनः आप सभी के समक्ष रखने का  हु। तो आइये जानते है -  लोगुंडी राजा के पास बहुत सारे पालतू जानवर थे। उनके पास एक जोड़ी केरकेटा पक्षी ,एक जोड़ी जंगली कुत्ते तथा एक जोड़ी बाघ थे। एक दिन जंगली कुत्तो से एक लड़का और लड़की पैदा हुए। शेरो ने भी एक लड़का और लड़की को  जन्म दिया। केरकेटा पक्षी के जोड़ो ने दो अंडे सेये और  उनमे से भी एक लड़का और लड़की निकले। एक दिन लोगुंडि राजा मछली का शिकार करने गया तथा उन्हें एक ईल मछली मिली और वे उसे घर ले आये। उस मछली को पकाने से पहले उन्होंने उसे काटा तो उसमे से भी एक लड़का और लड़की निकले। उसके कुछ दिनों बाद सारे पालतू जानवर मर गए सिर्फ उनके बच्चे बचे। उन बच्चो को केरकेता ,बघेल, सोनवानी तथा अइंद गोत्र  जो क्रमश पक्षी ,बाघ ,जंगली कुत्ते ,तथा ईल मछली से पैदा  हुए ...

मध्य प्रदेश में अगरिया जनजाति एवं अगरिया जनजाति के बारे में जानकारी

  मध्य प्रदेश में अगरिया जनजाति एवं अगरिया जनजाति के बारे में जानकारी  1 -अगरिया जनजाति की मध्य प्रदेश में जनसँख्या-  मध्य प्रदेश में अगरिया जनजाति की जनसँख्या लगभग 41243 है जो प्रदेश की कुल जनसँख्या का 0.057  प्रतिशत है।   2 -अगरिया निवास क्षेत्र -अगरिया वैसे मध्यप्रदेश के कई जिलों में पाए जाते है पर मुख्यतः अधिक संख्या में अनूपपुर ,शहडोल उमरिया ,कटनी ,मंडला ,बालाघाट ,सीधी ,सिंगरौली में मुख्यतः पाए जाते है।  3 -अगरिया गोत्र -अगरिया जनजाति में कुल 89 गोत्र पाए जाते है। (सम्पूर्ण गोत्र की जानकारी के लिए यू ट्यूब पर अगरिया समाज संगठन भारत सर्च करे और विडिओ देखे )(विडिओ देखने के लिए लिंक पर क्लीक करे - https://youtu.be/D5RSMaLql1M   )जिनमे से कुछ  प्रमुख गोत्र है सोनवानी ,अहिंद ,धुर्वे ,मरकाम ,टेकाम ,चिरई ,नाग ,तिलाम ,उइके,बघेल  आदि है प्रत्येक गोत्र में टोटम पाए जाते है। एवं अगरिया जनजाति का प्रत्येक गोत्र प्राकृतिक से लिया गया है अर्थात पेड़ पौधे ,जीव जंतु से ही लिया गया है। उदाहरण के लिए जैसे बघेल गोत्र बाघ से लिया गया है।  4-...

agariya kaoun haiअगरिया कौन है

  अगरिया मध्य भारत के वे आदिवासी समुदाय है जो लोहा गलाने यानि की लौह प्रगलक का कार्य करते है उनका मुख्य व्यवसाय लोहे से जुड़ा होता है अगरिया अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में आते है। अगरिया समुदाय पत्थर से लोहा गलाते है लेकिन वर्तमान  में पत्थर पर सरकार द्वारा रोक लगाया गया  है जिससे उनका व्यवसाय काफी प्रभावित है। अतः अगर वर्तमान की बात करे तो अगरिया समुदाय इस समय अपने क्षेत्र में जिस ग्राम या परिवेश में रह रहे है वही के लोगो का उपयोग की सामग्री बनाकर उनको देते है तथा अपने किसानो का (जिनके ऊपर वे आश्रित है ) समबन्धी समस्तलोहे का कार्य करते है एवं अपने मेहनत का पैसा या खाद्यान्न लेकर अपने एवं अपने बच्चो का पालन पोषण कर रहे है। अगरिया समुदाय की पहचान अभी भी कई जगह में एक समस्या है है कई जगह उनको गोंड भी कह दिया जाता है ,लेकिन ऐसा कहना किस हद तक सही है पर  ,हां अगरिया को गोंडो का लोहार जरूर कहा जाता है लेकिन वास्तव में में अगरिया गोंड नहीं है बल्कि  गोंडो की उपजाति है। अगरिया मध्य भारत के लोहा पिघलाने वाले और लोहारी करने वाले लोग है जो अधिकतर मैकाल पहाड़ी क्षेत...