लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का प्रमुख कार्यक्रम अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम जो फाउंडेशन से जुड़े लगभग सभी राज्यों के जिलों मे प्रति वर्ष माह मार्च - अप्रैल मे संपन्न होता है ll जहाँ लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन की ओर से प्रत्येक जिले के नोडल कार्यकर्ता अधिकारी नियुक्त किये जाते है जो जिलों मे उपस्थित होकर कार्यक्रम को सम्पन्न कराते है ll नियुक्त नोडल द्वारा फाउंडेशन के एजेंडा को विश्लेषण करते हुए उपस्थित सामाजिक स्वजातीय बंधुओ को विधिवत समझाया जाता है और कार्यक्रम के अंत मे उपस्थित स्वजातीय बंधुओ को शपथ ग्रहण करवाया जाता है ll अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम का उद्देश्य अगरिया जनजाति जो की आज के इस आधुनिक परिवेश मे भी शिक्षा, व्यवसाय, नौकरी, सामाजिक रहन सहन मे पिछड़ी जनजाति है जिसके स्तर मे सामाजिक जागरूकता के लिए इस कार्यक्रम को आयोजित कराया जाता है जिससे इस समाज मे जागरूकता आ सके और समाज सशक्त हो सके ll ज़िला सीधी के ग्राम सोनगढ़ मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम का आयोजन दिनांक 31/03/2025 को हुआ ll जहाँ ज़िला सीधी के लिए नियुक्त नोडल...
अगरिया जनजाति के प्रमुख औजार
संसी Sansi-लोहा या किसी भी वस्तु को पकड़ा जाता है और हथोड़ा से पीटा जाता है
2 -हथौड़ा या हथौड़ी -हथौड़ा से पीटा जाता है किसी भी लोहे की वस्तु या किसी भी सामग्री को। तथा आकार दिया जाता है।
3 -घन या घान -लोहे की बड़ी वस्तु को आकार देने के लिए घन से पीटा जाता है
4 -छेनी -छेनी का प्रयोग लोहा ,लोहे के सामान या किसी अन्य वस्तु को काटने में किया जाता है। 5-निहाई -लोहे को निहाई में रख कर पीटा जाता है।
8 -पवारी -कोई भी घरेलु उपयोग के लोहे की सामग्री या कृषि यंत्र सामग्री में हत्था लगाने हेतु होल या छेद बनाने के काम में आता है
9 -सुम्मी या सुमि -घरेलु उपयोग की सामग्री या कोई औजार या कोई अन्य लोहे के कृषि यंत्र में छोटे छोटे छेद बनाने के लिए उपयोग किया जाता है।
10 -चपरास -लोहे की सामग्री के कोनो में सुधार हेतु चपरास का उपयोग अगरिया जनजाति करता है।
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agariya samaj ki jankari ke liye ye blog taiyar kiya gaya hai agariya samaj sangathan poore bharat ke agariya samaj ko sangathit karna chahta hai