अगरिया जनजाति समाज के राज्यस्तरीय कार्यक्रम पुष्पराजगढ़ बेनीबारी मे पूर्व अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष माननीय श्री नरेन्द्र मरावी, पूर्व पुष्पराजगढ़ विधायक माननीय श्री सुदामा सिंह, माननीय श्री शिवराज शाह जी एवं माननीय प्रमोद सिंह जी पहुचे ll सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सीधी मध्यप्रदेश के ग्राम सोनगढ़ मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान संपन्न हुआ दिनांक 31/03/2025 को ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन

लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का प्रमुख कार्यक्रम अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम जो फाउंडेशन से जुड़े लगभग सभी राज्यों के जिलों मे प्रति वर्ष माह मार्च - अप्रैल मे संपन्न होता है ll जहाँ लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन की ओर से प्रत्येक जिले के नोडल कार्यकर्ता अधिकारी नियुक्त किये जाते है जो जिलों मे उपस्थित होकर कार्यक्रम को सम्पन्न कराते है ll नियुक्त नोडल द्वारा फाउंडेशन के एजेंडा को विश्लेषण करते हुए उपस्थित सामाजिक स्वजातीय बंधुओ को विधिवत समझाया जाता है और कार्यक्रम के अंत मे उपस्थित स्वजातीय बंधुओ को शपथ ग्रहण करवाया जाता है ll  अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम का उद्देश्य अगरिया जनजाति जो की आज के इस आधुनिक परिवेश मे भी शिक्षा, व्यवसाय, नौकरी, सामाजिक रहन सहन मे पिछड़ी जनजाति है जिसके स्तर मे सामाजिक जागरूकता के लिए इस कार्यक्रम को आयोजित कराया जाता है जिससे इस समाज मे जागरूकता आ सके और समाज सशक्त हो सके ll ज़िला सीधी के ग्राम सोनगढ़ मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम का आयोजन  दिनांक 31/03/2025 को हुआ ll जहाँ ज़िला सीधी के लिए नियुक्त नोडल...

अगरिया जनजाति समाज के राज्यस्तरीय कार्यक्रम पुष्पराजगढ़ बेनीबारी मे पूर्व अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष माननीय श्री नरेन्द्र मरावी, पूर्व पुष्पराजगढ़ विधायक माननीय श्री सुदामा सिंह, माननीय श्री शिवराज शाह जी एवं माननीय प्रमोद सिंह जी पहुचे ll

अगरिया जनजाति समाज के राज्यस्तरीय कार्यक्रम पुष्पराजगढ़ बेनीबारी मे पूर्व अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष माननीय श्री नरेन्द्र मरावी, पूर्व पुष्पराजगढ़ विधायक माननीय श्री सुदामा सिंह, माननीय श्री शिवराज शाह जी एवं माननीय प्रमोद सिंह जी पहुचे ll
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दिनांक 15/01/2023 को अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के मार्गदर्शन मे जिला इकाई अनूपपुर के ब्लॉक पुष्पराजगढ़ ग्राम बेनीबारी मे अगरिया समाज जनजागरूकता राज्यस्तरीय कार्यक्रम का आयोजन हुआll कार्यक्रम का सफल संचालन राष्ट्रीय संचालक दशरथ अगरिया एवं उनके टीम के द्वारा किया गया ll कार्यक्रम मे आमंत्रित सांसद प्रतिनिधि भूतपूर्व अनुसूचित जनजाति आयोग अध्यक्ष माननीय श्री नरेन्द्र मरावी जी, माननीय श्री शिवराज शाह जी, भूतपूर्व पुष्पराजगढ़ विधायक माननीय श्री सुदामा सिंह जी, पुष्पराजगढ़ मंडल अध्यक्ष माननीय श्री प्रमोद जी, एवं श्री अर्जुन सिंह जी का आगमन हुआ ll कार्यक्रम मे माननीय नरेंद्र मरावी जी द्वारा अगरिया समाज को सम्बोधित करते हुए कहा गया की अगरिया जनजाति एवं वैज्ञानिक समाज हैं उनके द्वारा सर्वप्रथम लौह अयस्क की पहचान किया गया और इस दुनिया को समाज को सर्वप्रथम लोहा बनाकर दिया उनके बनाये लोहे मे शुद्धता पायी जाती हैं ll तथा अगरिया जनजाति पूर्व से एक प्रतिभाशाली समाज रहा हैं जिन्होंने लोहे का निर्माण किया ll उन्होंने ये भी कहा की जहा जहा गोंड जनजाति पायी जाती हैं वहा वहा अगरिया जनजाति भी पायी जाती हैं दोनों की संस्कृति, रीति रीवाज एक से हैं ll आज अगरिया जनजाति जो की एक वैज्ञानिक समाज हैं इनको संरक्षित करना आवश्यक हैं ll शिक्षा के स्तर पर मजबूत बनाना  हैं जिससे इस जनजाति का सामाजिक स्तर भी अन्य समाज की तरह बेहतर हो सकेगा ll जिसमे मध्यप्रदेश सरकार एवं भारत सरकार का पूरा योगदान होगा ll माननीय नरेन्द्र मरावी जी ने अगरिया जनजाति के मांग (जो की अगरिया समाज हेतु भवन, एवं संगीत सामग्री रही हैं ll) मांगो पर बोले की सामाजिक स्तर को ऊँचा उठाने के लिए बैठक करना पड़ता हैं जहा कई लोग एकत्रित होते हैं जिसके लिए एक निर्धारित स्थान का होना आवश्यक हैं उन्होंने कहा अगरिया समाज हेतु  लगभग 1000-1200 की क्षमता का सामुदायिक भवन की स्वीकृत प्रदान किया जाता हैं ll जहा अगरिया समाज के स्वजातीय बंधु एक साथ एकत्रित होकर समाज के स्तर को ऊँचा उठाने मे विचार विमर्श कर सकेंगे ll इसके साथ ही उन्होंने कहा आदिवासी संस्कृति रीति रीवाज जो की देश का धरोहर हैं जिसके लिए संगीत सामग्री जैसे, मादर, ढोलक, मंजीरा, हारमोनियम, माइक, तबल हेतु राशि समाज को संगठन को प्रदान किया जायगा ll और उन्होंने कहा की अगरिया जनजाति समाज के उत्थान विकास के लिए उनका साथ सहयोग सदैव रहेगा ll इसके पश्चात पूर्व विधायक पुष्पराजगढ़ माननीय सुदामा सिंह जी भी अगरिया समाज के उत्थान विकास मे साथ सहयोग की बात किये जहा भी आवश्यकता होंगी सदैव उनका योगदान होगा उन्होंने कहा ll इसके पश्चात अंत मे माननीय श्री शिवराज शाह जी द्वारा अगरिया जनजाति की संस्कृति को संरक्षित करने, तथा समाज को कैसे मजबूत और सशक्त बनाना हैं कैसे बच्चों को शिक्षित करना सभी बिन्दुओ पर गहराई से सुझाव एवं मार्गदर्शन दिए तथा समाज के उत्थान विकास मे सदैव साथ सहयोग की बात बोले ll अंत मे राष्ट्रीय  अगरिया समाज संचालक दशरथ अगरिया जी द्वारा माननीय जनप्रतिनिधियों का संगठन एवं समाज की ओर से आभार प्रकट किया गया और कहा गया की आपके आगमन एवं अगरिया समाज के प्रति आपके विचार से हमारे समाज को जो मान सम्मान मिला हैं वो हमारे समाज के लिए गौरव का विषय हैं जिसके लिए सम्पूर्ण संगठन एवं समस्त अगरिया समाज के स्वजातीय बंधु आपके आभारी हैं ll
इसके पश्चात कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय संचालक दशरथ अगरिया जी द्वारा समाज को संगठित होने, समाज को शिक्षित बनाने, समाज को नशा मुक्त बनाने, सहयोग प्रदान करने का आह्वान किये और सभी को संगठन से मजबूती से जुड़ने और संगठन को मजबूत बनाने पर बात किये ll इसके साथ ही अध्यक्ष श्री रामखिलावन अगरिया जी द्वारा भी संगठन को जमीनी स्तर से मजबूत बनाने और सभी संगठन से जुड़ने को बोले जिससे समाज को उसका अस्तित्व प्राप्त हो सके ll इसके आलावा मंचासीन समस्त स्वजातीय बंधुओ द्वारा समाज के उत्थान विकास मे अपने अपने विचार रखे ll जिला अनूपपुर की ओर से आयोजक समिति मे राष्ट्रीय संचालक दशरथ अगरिया जी एवं टीम माखन अगरिया (पुष्पराजगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष ), गोरेलाल अगरिया (ब्लॉक संचालक), रामप्रसाद अगरिया, मनीराम अगरिया, बुधराम अगरिया, श्री मति बुद्ध वती अगरिया,संतरिया देवी अगरिया,अम्बिका अगरिया, सोप सिंह अगरिया, कैलाश अगरिया, बसंत अगरिया, मकरंद अगरिया सहित कई स्वजातीय बंधु एवं माताए बहने उपस्थित रहे ll
इसके साथ ही संगठन अध्यक्ष श्री रामखिलावन अगरिया जी, अन्नू अगरिया,सुखित अगरिया, लक्ष्मी अगरिया, सोहरी अगरिया, जागेराम अगरिया, रामसरोवर अगरिया, विजय अगरिया, सूरजलाल मरावी, सुखलाल अगरिया, बीरबल अगरिया, राजकुमार अगरिया, पन्नेलाल अगरिया, महिपाल अगरिया, भैयालाल अगरिया, राजाराम फूलझरिया, प्रीतम सोनवानी सहित जिला शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, मंडला, अनूपपुर, डिंडोरी कोरबा, कोरिया, कबीरधाम, कई राज्यों के अगरिया समाज के स्वजातीय बंधु उपस्थित रहे ll

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agariya kaoun haiअगरिया कौन है

  अगरिया मध्य भारत के वे आदिवासी समुदाय है जो लोहा गलाने यानि की लौह प्रगलक का कार्य करते है उनका मुख्य व्यवसाय लोहे से जुड़ा होता है अगरिया अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में आते है। अगरिया समुदाय पत्थर से लोहा गलाते है लेकिन वर्तमान  में पत्थर पर सरकार द्वारा रोक लगाया गया  है जिससे उनका व्यवसाय काफी प्रभावित है। अतः अगर वर्तमान की बात करे तो अगरिया समुदाय इस समय अपने क्षेत्र में जिस ग्राम या परिवेश में रह रहे है वही के लोगो का उपयोग की सामग्री बनाकर उनको देते है तथा अपने किसानो का (जिनके ऊपर वे आश्रित है ) समबन्धी समस्तलोहे का कार्य करते है एवं अपने मेहनत का पैसा या खाद्यान्न लेकर अपने एवं अपने बच्चो का पालन पोषण कर रहे है। अगरिया समुदाय की पहचान अभी भी कई जगह में एक समस्या है है कई जगह उनको गोंड भी कह दिया जाता है ,लेकिन ऐसा कहना किस हद तक सही है पर  ,हां अगरिया को गोंडो का लोहार जरूर कहा जाता है लेकिन वास्तव में में अगरिया गोंड नहीं है बल्कि  गोंडो की उपजाति है। अगरिया मध्य भारत के लोहा पिघलाने वाले और लोहारी करने वाले लोग है जो अधिकतर मैकाल पहाड़ी क्षेत...