फाउंडेशन का चौथा स्थापना दिवस बड़े धूम धाम से मनाया गया पूरे भारत मे 15 नवम्बर 2023 ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

सीधी मध्यप्रदेश के ग्राम सोनगढ़ मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान संपन्न हुआ दिनांक 31/03/2025 को ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन

लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का प्रमुख कार्यक्रम अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम जो फाउंडेशन से जुड़े लगभग सभी राज्यों के जिलों मे प्रति वर्ष माह मार्च - अप्रैल मे संपन्न होता है ll जहाँ लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन की ओर से प्रत्येक जिले के नोडल कार्यकर्ता अधिकारी नियुक्त किये जाते है जो जिलों मे उपस्थित होकर कार्यक्रम को सम्पन्न कराते है ll नियुक्त नोडल द्वारा फाउंडेशन के एजेंडा को विश्लेषण करते हुए उपस्थित सामाजिक स्वजातीय बंधुओ को विधिवत समझाया जाता है और कार्यक्रम के अंत मे उपस्थित स्वजातीय बंधुओ को शपथ ग्रहण करवाया जाता है ll  अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम का उद्देश्य अगरिया जनजाति जो की आज के इस आधुनिक परिवेश मे भी शिक्षा, व्यवसाय, नौकरी, सामाजिक रहन सहन मे पिछड़ी जनजाति है जिसके स्तर मे सामाजिक जागरूकता के लिए इस कार्यक्रम को आयोजित कराया जाता है जिससे इस समाज मे जागरूकता आ सके और समाज सशक्त हो सके ll ज़िला सीधी के ग्राम सोनगढ़ मे अगरिया समाज जोड़ो अभियान कार्यक्रम का आयोजन  दिनांक 31/03/2025 को हुआ ll जहाँ ज़िला सीधी के लिए नियुक्त नोडल...

फाउंडेशन का चौथा स्थापना दिवस बड़े धूम धाम से मनाया गया पूरे भारत मे 15 नवम्बर 2023 ll लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन

लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन का चौथा स्थापना दिवस बड़े धूम धाम से अगरिया जनजाति गौरव दिवस के रूप मे 15 नवंबर 2023 को मनाया गया ll आइये जानते है क्या क्या तैयारी की गयी कैसे मनाया गया फाउंडेशन का चौथा स्थापना दिवस ll
संस्था मैनेजिंग डायरेक्टर दशरथ अगरिया द्वारा बताया गया की प्रत्येक वर्ष फाउंडेशन का स्थापना दिवस फाउंडेशन के उत्पत्ति स्थल कोतमा अनूपपुर मध्यप्रदेश मे मनाया जाता था लेकिन इस वर्ष मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ ऐसे कई राज्यों मे चुनाव आचार संहिता लागू होने से बड़े आयोजन करना मुश्किल था जिससे फाउंडेशन की ओर से निर्णय लिया गया की इस स्थापना दिवस कार्यक्रम को दिनांक 15/11/2023 को सम्पूर्ण भारत अंतर्गत सभी राज्यों के प्रत्येक जिले मे मनाया जायेगा ll और बड़े ही धूम धाम से सभी जिलों मे कार्यक्रम को मनाया गया ll
सभी जिलों मे 15 /11/2023 को स्थापना दिवस को बड़े ही धूम धाम से मनाया गया जिलों मे मीटिंग का आयोजन किया गया जिलों से समस्त माताओ बहनो को कार्यक्रम मे आमंत्रित किया गया कार्यक्रम मे लोहासुर पूजन अगरिया जनजाति के इष्ट देव लोहासुर की संस्कृति कोठी भट्ठी लोहा गलाते हुए प्रतिमा पर फूल माला अर्पित करते हुए पूजन किया गया ll एवं पूजन के दौरान लोहासुर मंत्र का उच्चारण किया गया ll एवं कार्यक्रम मे फाउंडेशन के बारे मे सम्पूर्ण जानकारी उपस्थित स्वजातीय बंधुओ को प्रदान किया गयाll जैसे फाउंडेशन का उत्पत्ति स्थल, फाउंडेशन का उद्देश्य, फाउंडेशन सफल कैसे होगा, फाउंडेशन की समाज से अपेक्षा क्या है, समाज कैसे संगठित होगा, फाउंडेशन को लक्ष्य कैसे मिलेगा सम्पूर्ण जानकारी सभी जिलों मे कार्यक्रम के आयोजन के दौरान दिया गया इसके पश्चात् अंतिम मे उपस्थित समस्त स्वजातीय बंधुओ को फाउंडेशन की ओर से शपथ ग्रहण कराया गया ll उक्त कार्यक्रम की सारी गतिविधिया फाउंडेशन की ओर से पहले ही जिलों के लिए निर्धारित किये गए थे ll कई जिलों मे फाउंडेशन के चौथे स्थापना दिवस के नाम का केक काटकर भी स्थापना दिवस मनाया गया और वो जिला सिंगरौली मध्यप्रदेश है एवं कबीरधाम छत्तीसगढ़ है ll
रंगोली निर्माण कर फाउंडेशन का स्थापना दिवस मनाया गया ll
फाउंडेशन के चौथे स्थापना दिवस के अवसर पर शाम को सभी जिलों मे संगठन के कार्यकर्त्ता स्वजातीय बंधुओ माताओ बहनो ने सम्पूर्ण भारत अंतर्गत लौह प्रगलक अगरिया जनजाती  भारत फाउंडेशन चौथा स्थापना दिवस (अगरिया जनजाति गौरव दिवस ) के नाम की रंगोली बना कर स्थापना दिवस को और भी बड़े धूम धाम से मनाये ll
मध्यप्रदेश से अनूपपुर, उमरिया, सीधी, सिंगरौली, डिंडोरी जिला एवं  एवं अन्य कई जिले तथा छत्तीसगढ़ से कोरिया, कोरबा, कबीरधाम, रायगढ़ ऐसे कई जिले तथा झारखंड गढ़वा ,उत्तरप्रदेश  सोनभद्र से इसी प्रकार ऐसे सम्पूर्ण भारत अंतर्गत कई राज्यों के जिलों मे फाउंडेशन के चौथे स्थापना दिवस 15/11/2023 को जिलों मे कार्यक्रम आयोजित करते हुए घरों मे रंगोली निर्माण कर धूम धाम से स्थापना दिवस मनाया गया ll
मैनेजिंग डायरेक्टर दशरथ अगरिया जी ने अगरिया जनजाति समाज के समस्त स्वजातीय बंधुओ को फाउंडेशन के चौथे स्थापना दिवस की बधाई दिए ll
समस्त स्वजातीय बंधुओ माताओ बहनो को अगरिया जनजाति समाज के उत्थान विकास का मंच लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन के चौथे स्थापना दिवस की ढेर सारी शुभकामनायें ll आप सभी को जैसा की विदित है अगरिया जनजाति के उत्थान विकास का मंच लौह प्रगलक अगरिया जनजाति भारत फाउंडेशन अगरिया जनजाति समाज को संगठित करने एवं समाज के उत्थान, शिक्षा, नशा मुक्ति, सहयोग, अगरिया जनजाति के संरक्षण, संस्कृति का संरक्षण के उद्देश्य से हुआ हैll ये फाउंडेशन किसी एक का नहीं बल्कि सम्पूर्ण अगरिया जनजाति समाज के व्यक्ति का है हर समाज के व्यक्ति को अपनी सामाजिक जिम्मेदारी को निभाते हुए समाज को संगठित रखने एवं समाज को सही दिशा मे लेकर जाना जिम्मेदारी है फाउंडेशन से सभी को जुड़कर एक साथ एक विचार मे चलना आवश्यक है क्योंकि आज इस समाज को इसके अस्तित्व के लिए सभी की आवश्यकता एक साथ है इस जनजाति समाज को इसका पहचान अस्तित्व दिलाने एवं सशक्त समाज बनाने मे सभी की भूमिका आवश्यक है ll अतः आइये सभी इस फाउंडेशन के चौथे स्थापना दिवस पर संकल्प लें की समाज को बिखरने नहीं  देंगे फाउंडेशन के साथ मिलकर समाज के उत्थान विकास मे अपनी जिम्मेदारी को निभाएंगे ll
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  अगरिया मध्य भारत के वे आदिवासी समुदाय है जो लोहा गलाने यानि की लौह प्रगलक का कार्य करते है उनका मुख्य व्यवसाय लोहे से जुड़ा होता है अगरिया अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में आते है। अगरिया समुदाय पत्थर से लोहा गलाते है लेकिन वर्तमान  में पत्थर पर सरकार द्वारा रोक लगाया गया  है जिससे उनका व्यवसाय काफी प्रभावित है। अतः अगर वर्तमान की बात करे तो अगरिया समुदाय इस समय अपने क्षेत्र में जिस ग्राम या परिवेश में रह रहे है वही के लोगो का उपयोग की सामग्री बनाकर उनको देते है तथा अपने किसानो का (जिनके ऊपर वे आश्रित है ) समबन्धी समस्तलोहे का कार्य करते है एवं अपने मेहनत का पैसा या खाद्यान्न लेकर अपने एवं अपने बच्चो का पालन पोषण कर रहे है। अगरिया समुदाय की पहचान अभी भी कई जगह में एक समस्या है है कई जगह उनको गोंड भी कह दिया जाता है ,लेकिन ऐसा कहना किस हद तक सही है पर  ,हां अगरिया को गोंडो का लोहार जरूर कहा जाता है लेकिन वास्तव में में अगरिया गोंड नहीं है बल्कि  गोंडो की उपजाति है। अगरिया मध्य भारत के लोहा पिघलाने वाले और लोहारी करने वाले लोग है जो अधिकतर मैकाल पहाड़ी क्षेत...